जनगणना

विश्व में जनगणना का इतिहास                                                                  

जनगणना का प्रारंभ रोम के छठे राजा सर्वियत टालियस (578-534 ई.पू.) ने किया था। ऑगस्टस ने 5 ई.पू. इस रीति को संपूर्ण रोम साम्राज्य में प्रचलित कर दिया।

  • आधुनिक विश्व में सर्वप्रथम व्यवस्थित रूप से जनगणना कराने का श्रेय स्वीडेन को है। जहाँ 1749 ई. में पहली बार जनगणना कराई गयी ।
  • दशकीय जनगणना की शुरुआत 1790 ई. से अमेरिका में हुई।
  • इंग्लैंड में जनगणना की शुरुआत 1801 में की गई थी।

11 जुलाई से प्रति वर्ष “विश्व जनसंख्या दिवस” जाता है, क्योंकि 11 जुलाई 1987 को विश्व की कुल जनसंख्या 5 अरब हुई थी।

भारत में जनगणना

भारतीय जनगणना के इतिहास को दो भागों में बांटा जा सकता है। आज़ादी से पहले और आज़ादी के बाद। आजादी से पहले, किसी भारतीय शहर की पूरी जनगणना 1830 में हुई थी। ढाका (अब बांग्लादेश की राजधानी) में हेनरी वाल्टर ने करवाई थी। इस जनगणना में सेक्स, उम्र, घर जैसी चीजों की जानकारी लोगों से ली गई थी. 1866-67 में देश के अधिकतर हिस्सों में लोगों की गिनती की गई थी ।

  • भारत में पहली बार जनगणना की शुरुआत 1872 ई में लॉर्ड मेयो के कार्यकाल में हुआ था।
  • भारत में नियमित जनगणना की शुरुआत 1881 में लॉर्ड रिपन के कार्यकाल से किया जा रहा है।
  •  मार्च, 2000 ई. को भारत में एक अरबवें बच्चे के रूप में दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में जन्म लेने वाली बच्ची का “आस्था” नाम दिया गया था।
  • आजादी के बाद, भारत में पहली जनगणना 1951 में हुई थी। आज़ादी के बाद भारत में जनगणना एक्ट 1948 और 1990 के जनगणना नियमों के तहत पूरी की जाती है।
  • वर्ष 1921 को जनसंख्या विभाजक रेखा कहा जाता है। क्यो कि, वर्ष 1911 से 1921 के दशक में भारत में पहली एवं अन्तिम बार जनसंख्या वृद्धि दर ऋणात्मक रही है। वर्ष 1921 के पश्चात् भारत की जनसंख्या निरन्तर बढ़ने के क्रम में रही है। इसलिए वर्ष 1921 को जनसंख्या विभाजक वर्ष कहा जाता है।
  • जनसंख्या के मामले में भारत का चीन के बाद दूसरे स्थान पर है। परन्तु 2030 ई. में चीन को पीछे छोड़कर भारत विश्व में सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश हो जाएगा (संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट अनुसार)।
  • राष्ट्रीय जनसंख्या नीति-2000 ई. के अनुसार वर्ष 2045 ई. तक जनसंख्या स्थिरता प्राप्त करने का लक्ष्य है।
  • भारतीय संविधान की धारा-246 के अनुसार देश की जनगणना कराने का दायित्व संघ सरकार को सौंपा गया है। यह संविधान की सातवीं अनुसूची की क्रम-संख्या-69 पर अंकित है।
  • जनगणना संगठन केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत है, जिसका उच्चतम अधिकारी भारत का महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त (Registar General and Census Commissioner of India) होता है। यह देश भर में जनगणना संबंधी कार्यों को निर्देशित करता है तथा जनगणना के आँकड़ों को जारी करता है

16वीं जनगणना 2021

वर्ष 2021 की जनगणना देश की 16वीं और स्वतंत्र भारत की 8वीं जनगणना होगी। भारत की जनगणना प्रकिया विश्व में अपनी तरह की सबसे बड़ी परियोजना है।

  • जनगणना 2021 का विषय (थीम) “जन भागीदारी से जनकल्याण” है।
  • जनगणना 2021 के पहले चरण में वर्ष 2020 में अप्रैल से सितंबर तक प्रगणक (जनगणनाकर्मी) घरों की सूची (House Listing) और उसमें रहने वाले व्यक्ति/व्यक्तियों के (Housing Census) आँकड़े एकत्रित करेंगे।
  • असम को छोड़ कर देश के अन्य सभी राज्यों में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को अपडेट करने का काम भी किया जाएगा।
  • दूसरे चरण 9-28 फरवरी, 2021 तक पूरे देश में जनगणना का कार्य संपन्न किया जाएगा।
  • देश के विभिन्न राज्यों (असम को छोड़कर) के सरकारी कर्मचारी जैसे- निगमों के कर्मचारी, शिक्षक एवं अन्य विभागों के पदाधिकारीगण जनगणना प्रक्रिया में योगदान देंगे।
  • 16वीं जनगणना में प्रत्येक परिवार से 31 प्रश्नों के आधार पर नागरिकों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति से संबंधित आँकड़ों को एकत्रित किया जाएगा।

जनगणना-2011

  • जनगणना 2011 का शुभंकर “प्रगणक शिक्षिका” थी।
  • जनगणना 2011 का मुख्य नारा (Slogan)-“हमारी जनगणना, हमारा भविष्य’।
  •  भारत की 2011 की जनगणना के अंतिम आंकड़े केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंद ने 30 अप्रैल, 2013 को जारी किया था।
  • 2011 की जनगणना भारत की 15 वीं  और स्वतंत्र भारत की 7वीं जनगणना है।
  • भारत में पहली बार जाति-आधारित जनगणना 2011 में की गई।
कुल जनसंख्या  121 05 69 573 पुरुष –62 31 21 843 स्त्रियाँ- 58,74 47,730
दशकीय वृद्धि दर  17.70% पुरुष -17.10% स्त्रियाँ-18.30%
साक्षरता की दर 73.0%  73.0% पुरुष -80.9% स्त्रियाँ-64.6%
औसत वार्षिक वृद्धि दर1.64%
जनसंख्या (आयु वर्ग 0-6 वर्ष)13.60%
जनसंख्या का घनत्व382
लिंगानुपात943
लिंगानुपात (आयु वर्ग 0-6 वर्ष )919
 सर्वाधिक जनसंख्या वाले राज्य (घटते क्रम में)
1.उत्तर प्रदेश (16.51%)4.पश्चिम बंगाल (7.54%)
2.महाराष्ट्र (9.283)5. आन्ध्रप्रदेश (6.99%)
3. बिहार (8.6%) 
न्यूनतम जनसंख्या वाले  राज्य (बढ़ते क्रम में)
1. सिक्किम (0.05%)4. गोवा (0.12%)
2. मिजोरम (0.09)5. नगालैंड (0.16%)
3. अरुणाचल प्रदेश(0.11%) 
  • सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला – थाणे
  • न्यूनतम जनसंख्या वाला जिला – दिबांग घाटी (अरुणाचल . प्रदेश)
सर्वाधिक दशकीय वृद्धि वाले  राज्य (बढ़ते क्रम में)
 1. मेघालय (27.9%)4. जम्मू कश्मीर (27.6%)
2. अरुणाचल प्रदेश (26%)5. नगालैंड (0.16%)
3. बिहार (25.4%) 
न्यूनतम दशकीय वृद्धि वाले 5 राज्य (बढ़ते क्रम में)
1. नगालैंड (-0.64%)4. आन्ध्रप्रदेश (11%)
2. केरल (4.9%)5. सिक्किम (12.94%)
3. गोवा (8.23%) 
  • सर्वाधिक जनसंख्या वृद्धि दर वाला जिला –कुरूंग फुये(अरुणाचल प्रदेश)
  • न्यूनतम जनसंख्या वृद्धि दर वाला जिला – लांगलेंग (नगालैंड)
सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाले  राज्य (घटते क्रम में)
1. बिहार (1106)4. उत्तरप्रदेश (829)
2. पश्चिम बंगाल ( 1028)5. हरियाणा (573)
3. केरल (860) 
न्यूनतम जनसंख्या घनत्व वाले राज्य (बढ़ते क्रम में)
1. अरुणाचल प्रदेश (17)4. मणिपुर (115)
2. मिजोरम (52)5. नगालैंड (119)
3. सिक्किम (86) 
  • सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला जिला –उत्तर-पूर्वी दिल्ली
सर्वाधिक लिंगानुपात वाले राज्य (घटते क्रम में)
1. केरल (1084)4. मणिपुर (992)
2. तमिलनाडु (996)5. छत्तीसगढ़ (991)
3. आन्ध्रप्रदेश (993) 
न्यूनतम लिंगानुपात वाले  राज्य (बढ़ते क्रम में)
1. हरियाणा (879)4. पंजाब (895)
2.  जम्मू-कश्मीर (889)5. उत्तरप्रदेश (912)
3. सिक्किम (890) 
  • सर्वाधिक लिंगानुपात वाला जिला – माहे (पुडुचेरी )
  • न्यूनतम लिंगानुपात वाला जिला -दमन
सर्वाधिक शिशु लिंगानुपात वाले राज्य (घटते क्रम में)
1. अरुणाचल प्रदेश (972)4. छत्तीसगढ़ (969)
2. मिजोरम (970)5. केरल (964)
3. मेघालय (970) 
न्यूनतम शिशु लिंगानुपात वाले राज्य (बढ़ते क्रम में)
1. हरियाणा (834)4.राजस्थान (888)
2. पंजाब (846)5. गुजरात (890)
3. जम्मू-कश्मीर (862) 
सर्वाधिक साक्षरता प्रतिशत वाले  राज्य (घटते क्रम में)
1. केरल (94.9%))4. त्रिपुरा (87.2%)
2. मिजोरम (91.3%)5. हिमाचल प्रदेश (82.8%)
3. गोवा (88.7%) 
न्यूनतम साक्षरता प्रतिशत वाले  राज्य ( बढ़ते क्रम में )
1. बिहार (61.8%)4. झारखंड (66.4%)
2. अरुणाचल प्रदेश (65.1%)5. आन्ध्रप्रदेश  (67%)
3.राजस्थान (66.1%) 
सर्वाधिक पुरुष साक्षरता प्रतिशत वाले राज्य (घटते क्रम)
1. केरल (96.1%)4. त्रिपुरा (91.5%)
2. मिजोरम (93.3%)5. हिमाचल प्रदेश (89.5%)
3. गोवा (92.6%) 
न्यूनतम पुरुष साक्षरता प्रतिशत वाले  राज्य (बढ़ते क्रम में)
1. बिहार (71.2%)4. मेघालय (76%)
2. अरुणाचल प्रदेश (72.6%)5. झारखंड (76.8%)
3. आन्ध्रप्रदेश (74.9%) 
  • देश में सर्वाधिक साक्षरता दर वाला जिला –सरछिप
  • न्यूनतम साक्षरता दर वाला जिला – अलीराजपुर (मध्यप्रदेश)
सर्वाधिक महिला साक्षरता प्रतिशत वाले राज्य (घटते क्रम में)
1. केरल (92.1%)4. त्रिपुरा (82.7%)
2 मिजोरम (89.3%)5. नगालैंड (76.1%)
3. गोवा ( 84.7% ) 
न्यूनतम महिला साक्षरता प्रतिशत वाले राज्य (बढ़ते क्रम में)
1. बिहार (51.5%)4. जम्मू-कश्मीर (56.4%)
2. राजस्थान (52.1%)5. उत्तरप्रदेश (57.2%)
3. झारखण्ड (55.4%) 
  • सर्वाधिक अनुसूचित जाति जनसंख्या वाला राज्य -उत्तर प्रदेश
  •  न्यूनतम अनुसूचित जाति जनसंख्या वाला राज्य -मिजोरम
  • अनुसूचित जाति की सर्वाधिक जनसंख्या प्रतिशतता राज्य -पंजाब
  • अनुसूचित जाति की न्यूनतम जनसंख्या प्रतिशतता राज्य -मिजोरम
  • सर्वाधिक अनुसूचित जनजाति वाला राज्य- मध्य प्रदेश
  • सर्वाधिक अनुसूचित जनजाति जनसंख्या प्रतिशत वाला राज्य- मिजोरम
  • अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में कोई भी अनुसूचित जाति निवास नहीं करती है।
  • हरियाणा पंजाब में कोई भी अनुसूचित जनजाति निवास नहीं करती है।

2011: केन्द्रशासित प्रदेश

  • सर्वाधिक जनसंख्या वाला केन्द्रशासित प्रदेश  -दिल्ली
  • न्यूनतम जनसंख्या वाला केन्द्रशासित प्रदेश  -लक्षद्वीप
  • सर्वाधिक दशकीय वृद्धि वाले केन्द्रशासित प्रदेश -दादरा एवं नगर हवेली
  • न्यूनतम दशकीय वृद्धि दर वाले केन्द्रशासित प्रदेश – लक्षद्वीप
  • सर्वाधिक जन-घनत्व वाले केन्द्रशासित प्रदेश – दिल्ली
  • न्यूनतम जन घनत्व वाले केन्द्रशासित -अंडमान निकोबार द्वीप
  • सर्वाधिक लिंगानुपात वाले केन्द्रशासित प्रदेश -पुदुचेरी
  • न्यूनतम लिंगानुपात वाले केन्द्रशासित प्रदेश -दमन व द्वीप
  • सर्वाधिक शिशु (0-6 वर्ष) लिंगानुपात वाला केन्द्रशासित प्रदेश- अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
  • न्यूनतम शिशु लिंगानुपात वाला केन्द्रशासित प्रदेश -दिल्ली
  • सर्वाधिक साक्षरता प्रतिशत वाला केन्द्रशासित प्रदेश -लक्षद्वीप
  • न्यूनतम साक्षरता प्रतिशत वाला केन्द्रशासित प्रदेश -दादरा एवं नगर हवेली
  • सर्वाधिक पुरुष साक्षरता वाला केन्द्रशासित प्रदेश -लक्षद्वीप
  • न्यूनतम पुरुष साक्षरता वाला केन्द्रशासित प्रदेश -दादरा नगर हवेली
  • सर्वाधिक महिला साक्षरता वाला केन्द्रशासित प्रदेश -लक्षद्वीप
  • न्यूनतम महिला साक्षरता वाला केन्द्रशासित प्रदेश -दादरा एवं नगर हवेली
  • केन्द्रशासित प्रदेशों में सर्वाधिक नगरीय जनसंख्या एवं नगरीय जनसंख्या प्रतिशत – दिल्ली
  • न्यूनतम नगरीय जनसंख्या प्रतिशत – अंडमान निकोबार द्वीप समूह
  • सर्वाधिक अनुसूचित जाति (SC) जनसंख्या प्रतिशत वाला केन्द्रशासित प्रदेश – चण्डीगढ़  
  •  सर्वाधिक अनुसूचित जाति (SC) जनसंख्या वाला केन्द्रशासित प्रदेश – दिल्ली
  • सर्वाधिक अनुसूचित जनजाति (ST) जनसंख्या प्रतिशत वाला केन्द्रशासित प्रदेश- लक्षद्वीप
  • सर्वाधिक अनुसूचित जनजाति (ST) जनसंख्या वाला केन्द्रशासित प्रदेश – दादरा एवं नगर हवेली

Leave a Reply

%d bloggers like this: