भारतीय कृषि से सम्बंधित नोट्स [V.V.I.] – Part 1

नमस्कार प्यारे बच्चों आज मैं इस पोस्ट में भारत की कृषि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ देने वाला हूँ| आप इन सभी पॉइंट्स को एक बार अच्छे से पढ़ लीजियेगा | यह भारतीय कृषि से सम्बंधित नोट्स का पार्ट 1 है|


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भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहाँ की 70 प्रतिशत जनसंख्या अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है ।

  • सकल घरेलू उत्पाद में कृषि और उससे सम्बन्धित क्षेत्रों का योगदान 15.7 प्रतिशत है।
  • देश के कुल निर्यात में कृषि का योगदान लगभग 18 प्रतिशत है।
  • भारत में कुल क्षेत्र का लगभग 51% पर कृषि, 24% भूमि बंजर ,21%  पर वन तथा 4% भूमि पर चारागाह तथा बिना उपयोग की है।
  • भारत में कृषि वर्ष 1 जुलाई से 30 जून तक मनाया जाता है।
  • राष्ट्रीय किसान आयोग का गठन जनवरी 2004 में हुआ था जिसके प्रथम अध्यक्ष सोमपाल थे।
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राष्ट्रीय कृषि नीति – 2000 (National Agricultural Policy )

केन्द्र सरकार ने इस नीति की घोषणा 28 जुलाई, 2000 को की थी । इसमें अलग दो दशकों के लिए कृषि क्षेत्र में 4 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। इस कृषि नीति का वर्णन इंद्रधनुष क्रांति क्रांति (Rainbow Revolution) के रूप में किया गया है।

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विभिन्न क्रांतियांसंबंधितजनक (भारत में)
हरित क्रांतिखाद्यान्न उत्पादनM.S. स्वामीनाथन
श्वेत क्रांतिदुग्ध उत्पादनडॉ वर्गीज कुरियन
नीलि क्रांतिमत्स्य उत्पादनअरुण कृष्णन
भूरी क्रांतिउर्वरक उत्पादन     ——
रजत क्रांतिअंडा उत्पादनइंदिरा गाँधी
पीली क्रांतितिलहन उत्पादनसैम पित्रोदा/ राजीव गाँधी
कृष्णा क्रांतिबायोडीजल उत्पादन      ——-
लाल क्रांतिटमाटर/मांस उत्पादनविशाल तिवारी
गुलाबी क्रांतिझींगामछली उत्पादनदुर्गेश पटेल
बादामी क्रांतिमासाला उत्पादन    ——
सुनहरी क्रांतिफल उत्पादन  ………
अमृत क्रांतिनदी जोड़ो परियोजनाएँ  ——–
प्रोटीन क्रांतिउच्च उत्पादन (प्रौद्योगिकी संचालित)नरेंद्र मोदी/अरुण जेटली द्वारा निर्देशित।
ब्राउन क्रांतिचमड़ा / कोको / गैर परंपरागत उत्पाद   ——-
गोल्डन फाइबर क्रांतिजूट उत्पादन   ——-
  • अमरीकी वैज्ञानिक विलियम गैड ने सर्वप्रथम 1960 में हरित क्रान्ति शब्द का प्रयोग किया था भारत में हरित क्रान्ति का आशय कृषि क्षेत्र में परम्परागत तकनीकों तथा खेती की विधियों को आधुनिक विधियों द्वारा परिवर्तित करने से है।
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  • डॉ. नॉमर्न बोरलॉग (1970 के नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता) को हरित क्रान्ति का जनक कहा जाता है।
  • डॉ. एम. एस. स्वामीनाथ को भारत में हरित क्रान्ति के जनक के रूप में जाना जाता है।
  •  भारत में 1966 -67 में हरित क्रान्ति का प्रारम्भ पंजाब, हरियाणा एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गेहूँ की खेती से शुरू हुआ। इसमें उन्नत किस्म के बीज, उर्वरक एवं सिंचाई पर विशेष ध्यान दिया गया।
  • हरित क्रांति का प्रारंभ तीसरी पंचवर्षीय योजना से माना जाता है|
  • 1983-84 ई. में द्वितीय हरित क्रांति की शुरुआत हुई।
  • भारत में मुख्य खाद्य फसल चावल है। चावल उत्पादन में भारत का विश्व में दूसरा स्थान हैं (चीन प्रथम)।
  • भारत में गेहूँ के उत्पादन में उत्तर प्रदेश का प्रथम स्थान है जबकि प्रति हेक्टेयर गेहूँ उत्पादन में पंजाब का प्रथम स्थान है। विश्व में गेहूँ उत्पादन में भारत का स्थान चीन के बाद दूसरा है।
  • दूध के उत्पादन में वृद्धि के लिए श्वेत क्रांति की शुरुआत की गई, इसके जनक डॉ वर्गीज कुरियन है ।
  • श्वेत क्रांति गति को तेज करने के लिए 1970 में ऑपरेशन फ्लड कार्यक्रम की शुरुआत की गई ,यह विश्व की सबसे बड़ी डेयरी विकास कार्यक्रम है
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  • वर्तमान में भारत का दूध उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान  है दूसरा स्थान अमेरिका का है
  • फलों एवं सब्जियों के उत्पादन में चीन का प्रथम स्थान है जबकि भारत का दूसरा स्थान है।
  • आम, केला, चीक, खट्टे नींबू, काजू, काली मिर्च, नारियल, अदरक, हल्दी के उत्पादन में भारत का स्थान विश्व में पहला है।
  • भारत में सर्वोत्तम चाय दार्जिलिंग में पैदा की जाती है। विश्व प्रसिद्ध उलंग किस्म की चाय ताइवान में पैदा होती है।
  • कहवा के तीन प्रकार होते हैं-अरेबिका, रोवस्ता, लिबेरिका। सबसे उच्च कोटि का कहवा अरेबिका होता है।
  • विश्व में तम्बाकू का सबसे बड़ा उत्पादक एवं उपभोक्ता चीन है। उत्पादन में भारत का स्थान तीसरा है।
  •  तम्बाकू की पत्तियों को सुखाने की प्रक्रिया को क्यूरिंग (Curing) कहते हैं। मनचाहा रंग, गंध आदि गुणों का विकास किया जा सकता है।
  • भारत उवर्रक उत्पादन में विश्व में तीसरे स्थान पर है। जबकि पहले स्थान पर चीन एवं दूसरे स्थान पर अमेरिका है।
  • भारत विश्व में चीन के बाद दूसरे स्थान पर उवर्रक उपभोक्ता देश है। भारत यूरिया उर्वरक के मामले में सौ प्रतिशत आत्म निर्भर हो गया है।
  • पोटेशियम उर्वरक में भारत पूरी तरह आयात पर निर्भर करता है।
  • भारत में उर्वरक की सर्वाधिक खपत करनेवाला राज्य पंजाब है।
  • 1986 ई. में तेलहन प्रौद्योगिकी मिशन की स्थापना भारत में की गई थी।
  • विश्व में सबसे अधिक क्षेत्र में दलहन की खेती करने वाला देश भारत ही है, जबकि कपास के क्षेत्र में भारत ऐसा पहला देश है, जहाँ कपास की ‘संकर’ किस्म विकसित की गई है।
  •  भारत की कुल कृषि का लगभग 66 प्रतिशत भाग खाद्यान्न फसल है।

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