सिन्धु घाटी सभ्यता | Part 1

सिन्धु घाटी सभ्यता

  • इस सभ्यता का उदय सिंधु नदी की घाटी में होने के कारण इसे सिंधु सभ्यता तथा इसके प्रथम उत्खनित एवं विकसित केन्द्र हड़प्पा के नाम पर हड़प्पा सभ्यता एवं आद्यैतिहासिक कालीन होने के कारण आद्यैतिहासिक भारतीय सभ्यता आदि नामों से जानते हैं।
  • इस सभ्यता के प्रथम अवशेष हड़प्पा नामक स्थल से प्राप्त हुए थे।
  • कार्बन डेटिंग पद्धति द्वारा हड़प्पा सभ्यता की तिथि 2500 ई.पू. से 1750 ई.पू. माना गया है।
  • हड़प्पा सभ्यता को भारतीय उप महाद्वीप की प्रथम नगरीय क्रांति माना जाता है।
  • भारतीय पुरातत्व विभाग के जन्मदाता अलेंक्जेंडर कनिंघम को मानते हैं।
  • भारतीय पुरातत्व विभाग की स्थापना का श्रेय वायसराय ‘लार्ड कर्जन’ को प्राप्त है।
  • चार्ल्स मेसन ने 1826 ई. में सबसे पहले इस सभ्यता की ओर ध्यान आकर्षित किया।
  • जॉन बर्टन व विलियम बर्टन – 1856 ई . में हड़प्पा का सर्वे किया।
  • हड़प्पा सभ्यता कांस्य युगीन सभ्यता थी।
  • इसका विस्तार दक्षिण और पूर्व की दिशा में हुआ । इस प्रकार हड़प्पा संस्कृति के अन्तर्गत पंजाब, सिन्ध और बलूचिस्तान के भाग ही नहीं, बल्कि गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सीमान्त भाग भी थे। इसका फैलाव उत्तर में जम्मू से लेकर दक्षिण में नर्मदा के मुहाने तक और पश्चिम में बलूचिस्तान के मकरान समुद्र तट से लेकर उत्तर पूर्व में मेरठ तक था । यह सम्पूर्ण क्षेत्र त्रिभुजाकार है और इसका क्षेत्रफल 12,99,600 वर्ग किलोमीटर है । इस तरह यह क्षेत्र आधुनिक पाकिस्तान से तो बड़ा है ही, प्राचीन मिस्र और मेसोपोटामिया से भी बड़ा है ।
  • पिग्गट ने हड़प्पा एवं मोहनजोदड़ो को सिंधु सभ्यता की जुड़वा राजधानी बताया।
  • धोलावीरा एवं राखीगढ़ी भारत में सबसे पुरातन स्थल।
  • सिन्धु सभ्यता को प्राक् एतिहासिक युग में रखा जा सकता है।
  • सिन्धु सभ्यता के मुख्य निवासी द्रविड और भूमध्य सागरीय थे।
  • सिन्धु सभ्यता के सर्वाधिक स्थल गुजरात में खोजे गए हैं।
  • लोथल एवं सुत्कोतदा सिंधु सभ्यता के बंदरगाह थे।

सिंधु सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता) का काल निर्धारण –

  • एच. हेरास के अनुसार (नक्षत्रीय आधार पर) – 6000 ईसा पूर्व,\
  • माधोस्वरूप वत्स के अनुसार – 3500-2700 ईसा पूर्व,
  • जॉन मार्शल के अनुसार – 3250-2750 ईसा पूर्व,
  • अर्नेस्ट मैके के अनुसार – 2800-2500 ईसा पूर्व,
  • मार्टीमर व्हीलर के अनुसार – 2500-1500 ईसा पूर्व,
  • रेडियो कार्बन पद्धति अनुसार – 2350-1750 ईसा पूर्व,

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